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जेंडर बजट सेल चार्टर

जेंडर रेस्पोंसिव बजटिंग (जीआरबी) जेंडर समानता को बढ़ावा देने का एक माध्यम हैं । नीति प्रक्रिया में जेंडर समानता तक पहुचने के लिए जेंडर बजट प्राथमिक चरण के रूप में उपयोग किया जाता है। जेंडर बजट नीति और उनके क्रियान्वयन के लिये संसाधनों के बीच के अंतर को स्पस्ट करने का एक तरीका है और जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि जेंडर समानता के लिए सार्वजनिक धन का व्यय कैसे किया जाये। इसी उद्देश्य से मुख्य सचिव , म.प्र. शासन द्वारा प्रत्येक विभाग में जेंडर बजट सेल (जीबीसी) गठित करने की दिशा में निर्देश दिए गए हैं | विभाग के स्तर पर जीबीसी का गठन , जेंडर को मुख्यधारा में लाने के लिए मुख्य कार्यविधि के तौर पर काम करेगा। वर्तमान में विभागों में गठित जीबीसी सक्रिय नहीं हैं और इनकी भूमिका एवं दायित्वों को न तो सुनिश्चित किया गया है और न ही उन्हें अनिवार्य बनाया गया है। शासकीय बजट में जेंडर विश्लेषण के उद्देश्य से विभागों में गठित जेंडर बजट सेल द्वारा विभागों को मार्गदर्शन एवं क्रियान्वन महत्वपूर्ण हैं इस हेतु यह चार्टर बनाया गया हैं |

जेंडर बजट सेल की संरचना

जेंडर बजट सेल का गठन आयुक्त/ संचालक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में होगा जिसमें योजना से सम्बंधित , वित्त शाखा एवं जेंडर विशेषज्ञ के वरिष्ठ एवं मध्यम वर्गीय आधिकारी सम्मलित होंगे | सेल में अन्य शासकीय क्षेत्र के अधिकारी , एन जी ओ एवं मल्टी नेशनल लेवल के जेंडर विशेषज्ञो को सम्मलित किया जा सकता हैं |

जीबीसी प्रति वर्ष विभाग के लिए एक जेंडर बजट वार्षिक कार्य योजना तैयार करेगा जिसके अनुसार त्रेमासिक कार्य योजना क्रियान्वन की समीक्षा की जायेगी । विभाग चाहे और यदि जरूरत हो तो, वार्षिक कार्य योजना के तहत, विभिन्न गतिविधियों को संचालित करने के लिए जीबीसी एक पृथक बजट का आवंटन भी कर सकता है। जीबीसी के कार्यों और संचालन की समीक्षा वर्ष में कम से कम दो बार विभाग के प्रमुख सचिव/सचिव स्तर पर की जाएगी |

जेंडर बजट सेल के दायित्व :

इसमें शामिल हैं:

विभाग में जेंडर बजटिंग को सुगम संचालन करना:

जेंडर बजट सेल चार्टर