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विभाग के बारे मे

विभाग के उद्देश्य:-

संचालनालय महिला एवं बाल विकास के उद्देश्य निम्नानुसार है:-

1. प्रदेश की गर्भवती /धात्री महिलाओं तथा 0-6 वर्ष के बच्चों को स्वास्थ्य व पोषण सेवायें प्रदान की जाती है।
2. बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास तथा स्वास्थ्य व पोषण की स्थिति में सुधार लाना।

महिला एवं बाल विकास विभाग का मिशन/विजन :-

मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्व है और इसी संदर्भ में प्रदेश के मानव विकास प्रतिवेदन में जेन्डर विकास सूचकांक तथा बच्चों के शाला प्रवेश , शिक्षा आदि का समावेश किया जाता है । आजकल विकास की नवीनतम अवधारणा के अनुसार मानव विकास सूचकांक HDI विकास की गति दर्शाने वाले महत्वपूर्ण मानक हैं और विश्व बैंक तथा संयुक्त राष्ट्र संघ विश्व के देशों की विकासीय स्थिति का मूल्यांकन भी इन्हीं सूचकांक के आधार पर करने लगे हैं । इन सूचकांकों में शिशु मृत्यु दर (IMR) पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर (Under Five Mortality Rate) मातृ मृत्यु दर (MMR), लाईफ एक्सपैक्टेन्सी एट बर्थ, साक्षरता दर, बच्चों का पोषण स्तर इत्यादि प्रमुख है। इन सूचकांको के अनुसार हमारे देश भारत और विशेष रूप से मध्यप्रदेश की स्थिति पिछड़े स्थानों के बीच आती थी। इन बातों को देखते हुए भविष्य के नागरिकों के सम्पूर्ण शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक विकास को सुनिश्चित करने के लिये समेकित बाल विकास सेवा योजना की संकल्पना की गई । इस परियोजना को क्रियाविंत करने के साथ-साथ महिला बाल विकास की नई अवधारणा, जिसमें महिला कल्याण से उपर उठकर महिला सशक्तीकरण पर केन्द्रित योजनाओं को लागू करना निहित है, का क्रियान्वयन भी विभाग की जिम्मेदारी में शामिल हुआ है ।

विभाग के कर्तव्य कृत्य एवं संगठन की विषिष्टिया :-

1. महिलाओं ओर बच्चों की जीवन रक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक आर्थिक विकास, के लिये योजनाएं चलाना तथा विभिन्न विकास विभागों के साथ समन्वय स्थापित करना।
2. समेकित बाल विकास सेवा का संचालन।
3. महिलाओं और बच्चों के लिये शासकीय संस्थाओं का संचालन, अशासकीय संस्थाओं को अनुदान प्रदान करना।
4. महिलाओं के आर्थिक विकास के लिए मध्यप्रदेश महिला वित्त विकास निगम का संचालन।
5. महिलाओं की सामाजिक समस्याओं के लिए राज्य महिला आयोग का संचालन।
6. प्रदेश की महिलाओं के सामाजिक आर्थिक स्वास्थ्य व पोषण की स्थिति में सुधार लाना उनकी सुरक्षा से संबंधित कानूनो की जानकारी देना एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का संचालन करना। बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास, स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति में सुधार लाना उन्हें कुपोषण से बचाना ।
7. प्रदेश की महिलाओं एवं बच्चों में व्याप्त कुपोषण, अशिक्षा, अज्ञानता से मुक्त करना एवं स्वस्थ समाज की नींव डालना ।
8. प्रदेश की महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, स्वास्थ्य व पोषण की स्थिति में सुधार लाना ।
9. बच्चों के शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति में सुधार लाना तथा कुपोषण से बचाना ।
10. महिलाओं के संवैधानिक हितों को सुरक्षित रखना, महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा से सम्बन्धित कानूनों एवं विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूकता बढाना ।
11. प्रदेश में विभिन्न विभागों द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के सर्वागिण विकास से सम्बन्धित योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वयक की भूमिका निभाना ताकि योजना का लाभ हितग्राहियों तक पहुच सकें । महिलाओं की स्वायत्ता एवं सशक्तिकरण सुनिश्चित करते हुये उनकी आर्थित एवं सामाजिक स्थिति में निरन्तर सुधार लाने हेतु राज्य की महिला नीति के क्रियान्वयन का समन्वयक ।