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मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना

योजना के बारे मे :

किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित, महिलाओं को पारिवारिक सहायता नहीं मिलती है तो जीवन यापन करने के सभी रास्ते बंद हो जाते है एवं ऐसी कठिन परिस्थितियों के लिए परिवार एवं समाज में पुर्नस्थापित होने हेतु विशेष सहयोग की आवश्यकता होती है । यदि किसी भी पीड़ित महिला की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कौशल उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ दिया जाए तो वह स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार का भी भरण पोषण कर सकती है। इस उद्देश्य से ’’मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना’’ प्रदेश में सितम्बर 2013 से प्रारंभ की गई है।

उद्देशय:-

♦ आपात स्थिति में महिलाओं की सहायता करना।

♦ पीडित महिला को पुर्नस्थापित करना।

♦ महिलाओं को स्व-रोजगार के लिये प्रेरित करना।

♦ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना।

♦ महिला का सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिणिक स्तर बढाना।

♦ विपत्तिग्रस्त/पीड़ित/असहाय/निराश्रित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए समाज की मुख्य धारा में पुर्नस्थापित करना।

लक्ष्य समूह :-

♦ बलात्कार से पीडित महिला या बालिका ।

♦ दुर्रव्यापार से बचाई गई महिलाएं जो गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करती हो।

♦ ऐसिड विक्टिम

♦ जेल से रिहा महिलाऐं

♦ परित्यकता/तलाकशुदा महिलायें जो गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करती हो।

♦ शासकीय एवं अशासकीय आश्रय गृह, बालिका गृह, अनुरक्षण गृह आदि गृहों में निवासरत विपत्तिग्रस्त बालिका/महिलायें

♦ दहेज प्रताड़ित/अग्नि पीड़ित महिलायें

♦ बाल विवाह पीड़ित

प्रशिक्षण के विषय :-

♦ फार्मेसी -ब्यूटिशियन,होटल/ ईवेन्ट मैनेजमेंट

♦ नर्सिग -शार्ट टर्म मैनेजमेंट कोर्स (कुकिंग/बैंकिंग),प्रयोगशाला सहायक

♦ फिजियोथेरपी -आई.टी.आई./पॉलीटेक्निक कोर्स,बी.एड/डी.एड

सिर्फ शासकीय संस्थान से :-

♦ आया/दाई/वार्ड परिचारिका होस्पिटालिटी,अन्य प्रशिक्षण जो कि शासन द्वारा समय-समय पर निर्धारित किए जाते है।